18 420 791 książek w 175 językach
Jednak się nie przyda? Nic nie szkodzi! Możesz zwrócić produkty nawet do 30 dni
Bon prezentowy to zawsze dobry pomysł. Obdarowany może za bon prezentowy wybrać cokolwiek z naszej oferty.
Nawet do 30 dni na zwrot
जीवन एक यात्रा है। इस यात्रा में कुछ पड़ाव हमारी इच्छा अनुसार आते हैं और कुछ परिस्थितियाँ हमें उन राहों पर ले जाती हैं, जिनकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की होती। पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि मेरा जीवन भी ऐसे ही अनेक मोड़ों, संघर्षों, सीखों और अनुभवों से होकर गुज़रा है।
मैं कोई महान व्यक्ति नहीं हूँ। मैं राजस्थान के बाराँ जिले के छोटे से कस्बे मांगरोल का वह साधारण बालक हूँ, जिसने सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने का साहस किया। अपने से एक छोटे, तीन बड़े भाइयों और तीन बड़ी बहिनों के साथ पला-बढ़ा मैँ एक स्वर्णकार व्यवसायी के घर जन्मा । मेरी उम्र कोई 5-6 वर्ष की रही होगी तभी मेरे सर से माँ का साया उठ गया । इस हृदयविदारक आघात के बाद बचपन में कभी नहीं सोचा था कि जीवन मुझे शिक्षा, समाज सेवा, कानून और साहित्य जैसी विविध यात्राओं से परिचित कराएगा। मैं केवल इतना जानता था कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और ईमानदारी से चलने वाला रास्ता भले ही कठिन हो, लेकिन अंततः वही सबसे सुंदर मंज़िल तक पहुँचाता है।
मेरी यात्रा संघर्षों से शुरू हुई। एक छोटे कस्बे के विद्यालय से लेकर बाराँ के महाविद्यालय तक, छात्र राजनीति से लेकर समाज सेवा के क्षेत्र तक, गाँवों की पगडंडियों से लेकर राज्य स्तरीय शैक्षिक नीतियों तक, अदालतों से लेकर साहित्य की दुनिया तक । हर पड़ाव ने मुझे नया अनुभव दिया। कई बार सफलता मिली, कई बार असफलता भी मिली। कभी लोगों ने सराहा, कभी आलोचना भी की। लेकिन हर अनुभव ने मुझे पहले से अधिक परिपक्व बनाया।
लगभग पच्चीस वर्षों तक देश की विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संस्थाओं के साथ कार्य करते हुए मैंने हजारों गाँव देखे, अनगिनत शिक्षकों से सीखा, लाखों बच्चों के सपनों को करीब से महसूस किया और यह जाना कि शिक्षा केवल विद्यालयों की जिम्मेदार
Cześć! Jestem Libroamiko, Twój doradca książkowy.
Jak mogę Ci pomóc?